
⚖️बड़ी खबर – सुप्रीम कोर्ट में अब VIP कल्चर का अंत!⚖️नए CJI जस्टिस सुर्या कांत ने साफ कर दिया – अब कोई सीनियर वकील “मेरा केस पहले सुनो” कहकर लाइन नहीं तोड़ सकेगा।
“अर्जेंट” केस भी सिर्फ लिखित आवेदन के जरिए ही लिस्ट होगा – न ज़ुबानी मेंशनिंग, न कोई स्पेशल पहुंच।
जूनियर वकीलों को भी सख्त हिदायत:
अब केवल असाधारण परिस्थिति में ही मेंशनिंग की इजाजत, वरना सीधा रिजेक्ट।
सबसे बड़ा झटका:
CJI ने संकेत दे दिया कि NJAC को दोबारा लाने और कोलेजियम सिस्टम को खत्म करने पर कोर्ट गंभीरता से विचार कर सकता है।
ये सिर्फ नियम नहीं, पूरे सिस्टम को हिलाने वाले कदम हैं!
सुप्रीम कोर्ट अब सचमुच सबके लिए बराबर का कोर्ट बनने की राह पर है। ⚖️